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Date:24-03-17 Time:09:50:12

 

 

 

 


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सवारी गाड़ी बन चुकी है जिला अस्पताल की एंबुलेंस

नोएडा: आपातकालीन स्थिति में मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाने व रेफर मरीजों को ले जाने के लिए तैनात जिला अस्पताल की एंबुलेंस अब सवारी गाड़ी बनकर रह गई है। एंबुलेंस व ड्राइवरों की संख्या कम होने से एक एंबुलेंस कई मरीजों के इकट्ठा होने का इंतजार करती है। इसके बाद ही रेफर मरीजों को लेकर रवाना होती है। ऐसे में कई मरीजों को अपने साधन से ही रेफर किए गए अस्पताल तक पहुंचना पड़ता है। यह स्थिति पिछले कई माह से बनी हुई है। कहने को जिला अस्पताल में कई एंबुलेंस हैं, लेकिन इसमें से सिर्फ दो-तीन एंबुलेंस ही कार्य करने की हालत में हैं। ड्राइवरों की भी कमी है। हालत यह है कि यहां खड़े शव वाहन के लिए अभी तक ड्राइवर नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से मरीजों को एंबुलेंस के लिए अक्सर भटकना पड़ता है। ड्राइवर की कमी के कारण एंबुलेंस कई मरीजों के इकट्ठा होने का इंतजार करती है। ताकि उन्हें एक साथ रेफर किए गए अस्पताल तक पहुंचाया जा सके। इसके पीछे अस्पताल प्रबंधन की भी अपनी मजबूरी है। वह ज्यादा से ज्यादा मरीजों को मौजूद व्यवस्था से सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यदि यहां ड्राइवर व एंबुलेंस की सुविधा बढ़ा दी जाती तो शायद मरीजों को इस कदर परेशान नहीं होना पड़ता। कुछ मरीज इंतजार का समय लंबा होने पर स्वयं वैकल्पिक व्यवस्था कर चले जाते हैं।